मंगलवार, जुलाई 26, 2011

ईश्वर की मित्रता .......................

"जीवन एक संग्राम है और निडर होकर ही
उसका डटकर सामना करना पड़ता है | 
यह भावना तभी ढृढ़ होती है , जब ईश्वर की
मित्रता का मन में विश्वास होता है |फिर थकावट
नहीं लगती और मन को विश्राम मिलता है |रेलगाड़ी
में स्थान सुरक्षित करने पर सफ़र में विश्राम किया
तो भी मंजिल पर पहुचने का अटल भरोसा होता है,
क्योंकि चलाने वाले  की  कुशलता तथा सम्पूर्ण 
सहयोग पर अपना ढृढ़ विश्वास रहता है | परन्तु 
स्वयं अपने पर ही सब जिम्मेदारी लेकर , अपनी 
ही कार में अकेला बैठकरपूरा बोझ  उठाया तो थकावट
आने लगती  है और बार-बार सोचता है कि कोई कुशल
साथी होता तो कितना अच्छा होता |"

रविवार, जुलाई 24, 2011

हे दुर्गे माँ

 हे दुर्गे माँ , 
मेरे लिए इतना ही बहुत है की मैं आपका हूँ.
और मेरे गर्व के लिए इतना ही बहुत है की आप मेरी माँ हैं.
आप बिलकुल वैसी हैं जैसा की मै चाहता हूँ. 
और मुझे...वैसा बना दें जैसा आप चाहती हैं.. 
         जय माता दी जी ♥ ♥

शनिवार, जुलाई 23, 2011

भगवान पर भरोसा हर-हाल में रखना.........

लक्ष्मी पूजा के काबिल तो है ,लेकिन भरोसे  के काबिल कत्तई नहीं है.
लक्ष्मी की पूजा तो करना मगर लक्ष्मी पर भरोसा मत करना और भगवान
की पूजा भले ही मत करना लेकिन भगवान पर भरोसा हर-हाल में रखना .
दुनिया में भरोसे के काबिल सिर्फ भगवान ही हैं लक्ष्मी का क्या भरोसा ?
वह तो चंचला है,आज यहाँ और कल वहाँ जिस-जिस ने भी इस पर भरोसा किया आखिर में वह रोया है .

शुक्रवार, जुलाई 22, 2011

आप आकर मेरे गाँव की हालत देखो........

 यूँ ना अखबार में पढ़ कर के इबारत देखो
आप आकर मेरे गाँव की हालत देखो
व्यर्थ जायेगी शहादत वतन परस्तों की
भूख से मरते है जो उनकी शहादत देखो
यहाँ तरसते है बच्चे भी खेलने के लिए
शहर में बाँट दी, कुछ लोंगो ने दहशत देखो
उजाड़े गाँव और आबाद शहर कर डाले
आप पर्यावरण से उनकी मोहब्बत देखो
छिपेगी अब न हकीकत दिखा के झूठे सब्ज़-बाग
उनकी चालाकियाँ और उनकी तिजारत देखो
जब भी दिल होता है बैचैन बहुत ऐसे में
जी में आता किसी बच्चे की शरारत देखो

कल कुछ नहीं कर पावोगे...............

बुजुर्गों की संगति करो,क्योंकि बुजुर्गों के चेहरे की एक -एक झुर्री पर हजार -हजार अनुभव लिखे होते हैं .
उनके कांपते हुए हाथ ,हिलती हुई गर्दन,लड़खड़ाते हुए कदम और मुरझाया हुआ चेहरा सन्देश देता है,
कि जो भी शुभ करना है ,वह आज ,अभी इसी वक्त कर लो .कल कुछ नहीं कर पावोगे .बुढा इन्सान इस 
पृथ्वी का सबसे बड़ा शिक्षालय है,क्योंकि उसे देखकर उगते सूरज क़ी डूबती कहानी का बोध होता है .

गुरुवार, जुलाई 21, 2011

तू आप ही अपना मांझी बन..............

दुश्मनी जमकर करो ,
लेकिन गुंजाईश रहे ,
की जब हम दोस्त हो जाये ,
तो कभी शर्मिंदा न होना पड़े,
कौन कहता है कि मौत आयी तो मर जाऊंगा ,
मैं तो दरिया हूँ ,समुन्दर में उतर जाऊंगा.....
तू आप ही अपना मांझी बन ,
मौजों (लहरों ) के सहारे बहना क्या .......?

रविवार, जुलाई 03, 2011

Jra soche - Dr.sunil kumar

Jra soche - Dr.sunil कुमार

आज कुछ लेख नहीं बस यह तस्वीर को ही एक लेख समझे और इसके आगे पीछे..... भविष्य के सभी पहलुओं पर विचार करें. मित्रो को भेजे ........


गुरुवार, जून 02, 2011

Allah ka Noor - Dr.sunil kumar

Allah ka Noor - Dr.sunil kumar
ईश्वर के संकेतों पर चलने वाले में सामर्थ्य होती है कि ईश्वर को अपने संकेतों पर चला सके